मन्त्र जाप –

कोई भी मन्त्र जाप करने से ध्वनी उत्पन्न होती है |इससे पेट , छाती , रीढ़ और सिर की ध्वनी द्वारा कोमल मालिश होती है |इस तालबद्ध मालिश से हमारे सभी अंग सुचारू रूप से कार्य करते है |इस सुखद सस्वर मालिश से तरंगे बढती है जिससे दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर सामान्य होते है |
इसी प्रकार यह आत्मा का भोजन है जो शरीर को भी जीवनी शक्ति की वृद्धि कर लाभ पहुंचाता है |सदाचरण से भी आत्म शक्ति विकसित होती है |

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Posted in Ancient Hindu Science, Sanatan/Hindu Life, Sanatan/Hindu Mythology

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